मुग़ल-ए-आज़म (Mughal-e-Azam) एक भारतीय फिल्म है, जो 1960 में रिलीज़ हुई थी। यह एक हिंदी भाषा की ऐतिहासिक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है जिसे के.आसिफ द्वारा निर्देशित किया गया था। इस फिल्म के निर्माता व निर्देशक के.आसिफ और संगीतकार नौशाद थे। यह फिल्म बॉलीवुड के इतिहास की एक ऐतिहासिक और कलात्मक फिल्म मानी जाती है।
इस फिल्म को निर्माता और निर्देशक के रूप में के.आसिफ ने बनाया था और अख्तर उल अमान, कमाल अमरोही K.आसिफ, वजाहत मिर्ज़ा, एहसान रिज़वी ने लेखन किया था। फिल्म के प्रमुख कलाकारों में पृथ्वीराज कपूर, दिलीप कुमार,मधुबाला,दुर्गा खोटे और अजीत शामिल थे।
फिल्म की कहानी मुग़ल वंश के शाहशाह अकबर और उनकी राजमाता जोधा बाई के प्रेम की घटनाओं पर आधारित है। इसमें अकबर के पुत्र प्रिंस सलीम (जिसे बाद में जहाँगीर के नाम से जाना गया) के प्रेमिका अनारकली के साथ उनके प्रेम की कहानी दिखाई गई है। पिता अकबर के खिलाफ अनारकली का प्रेम उसे भारतीय संस्कृति की पारंपरिक नीतियों के खिलाफ खड़ा करता है।
मुग़ल-ए-आज़म विश्वसनीयता और गरिमा के साथ निर्मित शानदार सेट्स, भव्य संगीत, और भावनात्मक अभिनय के लिए प्रशंसा प्राप्त करी थी। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास के महत्वपूर्ण चर्चित और प्रसिद्ध फिल्मों में से एक है और इसका प्रभाव आज तक उस समय के चल रहे समय के लिए देखा जाता है।
। फिल्म के गाने जैसे "ज़िंदाबाद ज़िंदाबाद मोहब्बत तू ज़िंदाबाद", "प्यार किया तो डरना किया", मोहब्बत की झूटी कहानी पे रोये", और "मोहे पनघट पे" इत्यादि लोकप्रिय हुए।
फिल्म अपनी गाहकों के बीच भारी सफलता हासिल करती है और आज भी भारतीय सिनेमा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
