साइकिल का आविष्कार का श्रेय फ्रांसीसी प्रसिद्ध आविष्कारक बारोन कार्ल ड्रेज एक्सीस वन सीव्ले (Baron Karl Drais von Sauerbronn) को दिया जाता है। वह नियमित चाल-धाव वाली साइकिल का पहला अवतरण 1817 में बनाया था, जिसे वह "ला यन्टा" (Laufmaschine) या "ढाईसी" (Draisine) नाम से जाना जाता था।
ला यन्टा को ड्रेज ने उस समय की रोजमर्रा की जिंदगी के लोगों के परिवहन को सुगम बनाने के लिए विकसित किया था। इसमें एक खास ढंग से बना सीट और दो पहिये थे जिन्हें व्यक्ति अपनी पैरों की मदद से पुष्ट करके घुसीये के रूप में धकेलकर चलता था। यह धीमे गति से चलने वाला था और इसका उपयोग शहरों में छोटे दूरीय यातायात के लिए किया जाता था।
ला यन्टा के विकास से आगे, साइकिल के अधिक उन्नत अवतरण विकसित हुए जिन्हें मानव परिवहन के माध्यम के रूप में आज तक उपयोग किया जा रहा है। इस लिए, साइकिल के आविष्कार का श्रेय कार्ल ड्रेज एक्सीस वन सीव्ले को प्राप्त है।
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