शीशे का उपयोग इंसान के लिए सदियों से किया जा रहा है। शीशे का इतिहास बहुत प्राचीन समय से शुरू होता है और विभिन्न संसाधनों के विकास से समृद्धि प्राप्त करता है। शीशे का उपयोग मुख्य रूप से उद्दीपन, सुरक्षा, संवेदनशील वस्तुओं के निर्माण, रोशनी, दर्पण और खिड़कीय काम के लिए किया जाता है।
शीशे के उपयोग का प्रारंभ प्राचीन समयों में हुआ था। विश्वविद्यालयों और संग्रहालयों में मिले अवशेषों से पता चलता है कि शीशे का उपयोग ई.पू. 3500 से भी पहले से हो रहा था। शीशे का उपयोग अग्निकुंडों के दृष्टिगत होता है, जहां लोग अग्नि को जलाने के लिए इसे उपयोग करते थे। इसके बाद यह प्रोत्साहित हुआ और इंदुस सभ्यता और मिस्र सभ्यता में शीशे के उत्पादन में विकास हुआ।
समय के साथ, शीशे के उत्पादन में और अधिक सुधार हुआ, जिससे विभिन्न वस्तुओं और संरचनाओं के निर्माण के लिए उपयोग किया जा सकता था। शीशे के विकसित होने से यह विज्ञान, इंजीनियरिंग और विनिर्माण के क्षेत्रों में भी उपयोगी सामग्री बन गया है।
आजकल, शीशे के उपयोग का क्षेत्र विस्तारशील है और विभिन्न उद्योगों में इसका प्रयोग होता है, जैसे कि निर्माण, गाड़ी उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, जहाज निर्माण, आभूषण उद्योग, आदि। शीशे के विकास से आधुनिक दुनिया के निर्माण के क्षेत्र में क्रांति आई है और आगामी वर्षों में भी इसका उपयोग और विकास आगे बढ़ता रहेगा।
