MRI (Magnetic Resonance Imaging) मशीन का अविष्कार 20वीं सदी के आदिम दशक में हुआ था। इसका पहला विकास 1940s और 1950s में हुआ था, लेकिन वास्तविक MRI तकनीक का विकास 1970s और 1980s में हुआ था।
1969 में अमेरिकी फ़िज़िकिस्ट रे-अनुजीनियर रे.मर्न और आर्थर एशकियोटिस्ट स्ट्रॉबल ने पहली बार एक ऐसी तकनीक की बात की थी जिससे मौजूदा MRI की तकनीक का निर्माण किया गया। इसके बाद, 1970s में पूरे रूप में यह तकनीक विकसित होने लगी और 1977 में पहली बार कैलिफोर्निया के एम्प्टी वैली में एक वाणिज्यिक MRI मशीन की निर्माण कार्यशीलता हुई।
1980 में, पॉल लौटरबर्ग और सीर पीटर मांसफील्ड ने डॉ. रेयमोंड विज्ञानशास्त्री के साथ मिलकर कैनेडा के टॉरंटो शहर में पहली बार एक क्लिनिकल MRI स्कैन को अद्यतन किया, जिससे साधारण तरीके से रोगियों के शरीर के अंदर की छवियाँ प्राप्त की जा सकती थीं।
इस प्रकार, MRI की तकनीक का विकास वर्षों की मेहनत और अनुसंधान के परिणामस्वरूप हुआ जिससे आजकल हम इसका व्यापारिक उपयोग करते हैं।
